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*Nmops/MP नेशनल मूवमेंट फार ओल्ड पेंशन स्कीम मध्यप्रदेश* ************************** *पेंशन हक हैं लेकर रहेंगे* #महत्वपूर्ण सूचना सम्माननीय साथियों , 👏🏼👏🏼👏🏼सादर नमस्कार। *श्री विजय कुमार "बंधु" राष्ट्रीयअध्यक्ष*(nmops) OPS ZINDABAD के निर्देशन मे Nmops/MP प्रदेश व्यापी ज्ञापन कार्यक्रम को स्थानीय स्तर संभाग/जिला/ तहसील/ ब्लाक पर माननीय मुख्यमंत्री महोदय को संबोधित प्रशासन के माध्यम से *दिनांक.21/07/2020(मंगलवार) को समस्त10संभाग 52 जिला 573 तहसील 313 ब्लॉक के माध्यम सौंपा जाना है* । माननीय विधायक गण, माननीय सांसद लोकसभा,माननीय सांसद राज्यसभा तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को जब भी अवसर मिले सुविधानुसार 21/07/2020के पूर्व दे सकते हैं। संयोग से विधानसभा मानसून सत्र भी स्थगित हो गया है तो माननीय विधायक गण मिल सकतें । कोरोना-19 वैश्विक महामारी के कारण के म.प्र.के सभी जिलों की लाक डाउन स्थिति भिन्न-भिन्न है। *Nmops/MP का प्रतिनिधि मंडल 3 से 5 सदस्यों को होंगा जो जनप्रतिनिधि एवं प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपेगा*। Nmops/MP के प्रांतीय कार्यकारिणी को माननीय मुख्यमंत्री/माननीय सांसद लोकसभा/ राज्य सभा को सौपा गया ज्ञापन संभाग/जिला/तहसील/ब्लाक की एक-एक प्रति सोसल मीडिया के माध्यम से भेजना अनिवार्य प्रार्थनीय है । साथियों 10संभाग + 52जिलों+573तहसील +313ब्लाक +230विधायक +30सांसद लोक सभा +10सांसद राज्य सभा+ ( एवं अन्य जनप्रतिनिधियों जो नहीं जोड़ा गया हैं)=कुल 1228 ज्ञापन की प्रतियां होंगी। *यह प्रतियां प्रांतीय कार्यकारिणी मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव महोदय को एकत्रीकर के बाद प्रतिनिधि मंडल सौपेगा* । सम्मानीय साथियों कार्यक्रम महत्वपूर्ण है स्थानीय जिम्मेदारी सुनिश्चित कर सम्पादित करनें का प्रयास कीजिए । *अपील* *सम्मानीय समस्त प्रांतीय/संभागीय/जिला/तहसील/ब्लाक के पदाधिकारी /सभी विभागों के NPS साथियों प्रदेश व्यापी आह्वान को सफ़ल बनाना है* । NMOPS/MP जिन्दाबाद 🙏🙏🙏🙏🙏🙏 परमानंद डहेरिया 7974217992 9407848059 प्रांताध्यक्ष/Nmops/MP प्रांतीय,संभागीय, जिला,तहसील, के पदाधिकारी/सदस्य गण मध्यप्रदेश


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*सभी*शिक्षको*को*और*बच्चो*को*समर्पित* शिक्षको का दर्द तीन महीने से वेतन नही । और बिन पुरानी पेंशन के ।। दूर कर दिया है, बिन बच्चों के विद्यालय नित नए आरोप-प्रत्यारोप झेलता, शिक्षक की बगिया को, एक सरकारी शिक्षक, पतझड़ बना दिया है, चला जा रहा है, उससे उसके फूलों को, इस कोरोना काल मे, पूर्ण निष्ठा से कर्तव्य निबाहने, वो बेचैन है अंदर से कोई कह रहा है कि, किंतु ये बात सब लोग नहीं समझेंगे, बैठे-बैठे की तनख्वाह ले रहे हो, क्योकि उन्हें लगता है, कोई कह रहा है, शिक्षक कुछ करना नहीं चाहते, मजे है तुम्हारे कि बच्चे तो आते नहीं, जबकि उन्होंने सब कुछ किया है, हर कोई लांछन लगा रहा है, इस दौर में भी, शिक्षक की गरिमा को मिटा रहा है, कोरोना इयूटी से लेकर, फिर भी शिक्षक सब कुछ सुनकर, पोषाहार वितरण तक, चला जा रहा है, किंतु समाज के कुछ लोग, उससे उसकी हालत तो पूछो, कभी नहीं मानेंगे, वो मायूस है, की आज जो डॉक्टर हर तरफ, क्योकि बच्चे नहीं है, इस बीमारी से, कचोटता है उसे विद्यालय का हर भगवान की तरह लड़ रहे हैं, कोना, क्योंकि वहाँ बच्चों की हँसी उन्हें भी एक नहीं है, बच्चों की चहल पहल, शिक्षक ने ही, उनका स्वछं...